Saturday 19 December 2009

अविश्वास प्रस्ताव


आम आदमी हो गया सचमुच में बेकार
जनता से अब दूर है दिल्ली की सरकार
दिल्ली की सरकार भाजपा चिल्लाती है
शीला आंटी देख देख कर मुस्काती है
मल्होत्रा जी सदन छोड़ सड़को पर आओ
महंगाई की मार से अब तो हमें बचाओ॥

Friday 4 December 2009

पानी



महंगाई की मार से हर कोई बेहाल
आंसू आंसू रो रहा देखो बुरा हाल
देखो बुरा हाल मचा है हल्ला गुल्ला
कैसे कैसे रोज जलेगा अपना चूल्हा
पानी कीमत को प्यारे नही बढ़ाओ
प्यासी हो जायेगी दिल्ली हमें बचाओ

Wednesday 25 November 2009

नई पीढ़ी के कवियों की तीसरी दस्तक


Saturday 21 November 2009

दस्तक नई पीढ़ी की



हौसले टूट जाते हैं, हस्तियाँ टूट जाती हैं
समंदर में लहर उठती है कश्तियाँ टूट जाती हैं
जिस रात ख़याल आता है सरकार को दिल्ली लंदन बनेगी
उसी सुबह शहर की कई झुग्गियाँ टूट जाती हैं

-महेन्द्र प्रजापति




परिभाषा लोकतंत्र वाली न समझ पाए
आज़ादी तो मिली किन्तु रास नहीं आई है
खेलते चौराहों पर सत्ता का घिनौना खेल
देख धृष्टता को माँ की आँख भर आई है
मातृभूमि रक्षा हेतु जिन्होंने कटाए शीश
उन्हीं के समक्ष होने लगी हाथापाई है
हाए रे विधाता पृथ्वीराज का कहाँ है शौर्य
देख दृश्य अकुलाया चन्द्रवरदाई है

-विनय शुक्ल



कठिन डगर है कठिन समय है फिर भी चलना
पाँव में छाले हैं तो क्या, आगे बढ़ना है
शब्दों को हथियार बना मै लड़ती जाऊंगी
प्रियतम तेरे प्यार की कविता पढ़ती जाऊंगी

- शैलजा सिंह




लेखन की ताकत से हरदम नया युद्ध लड़ने वालो
भारत माँ को आज बचा राष्ट्र हेतु मरने वालो
यही नींद में बड़बड़ करता मैं रोता ही जाता था
राष्ट्र भ्रमण का अंतिम सपना अब तो सोता जाता था

- सत्येन्द्र सत्यार्थी



कल अचानक
सूर्य भगवान से मुलाकात हुई
चूँकि पृथ्वी घूम रही थी
इसलिए चलते-चलते ही बात हुई
मैंने पूछा - 'हे सूर्यदेव!
आकाश में घूमने का क्या आपका एक ही रुटीन है
कभी बोरियत फील करो
तो नीचे आ जाना
हमारे पास बहुत बड़ी जमीन है,

-अनिल गोयल



यूँ ही उदास है दिल बेकरार थोड़ी है
मुझे किसी का कोई इंतजार थोड़ी है
मुझे निंद न आए उसे भी चैन न हो
हमारे बीच भला इतना प्यार थोड़ी है

- जतिन्दर परवाज

दिल्ली की सरकार



दिल्ली की सरकार ने खूब चली है चाल।
नहीं मिलेगी आपको अब सस्ते में दाल॥

अब सस्ते में दाल मिलेगा आटा सस्ता।
आम आदमी भर भर ले जा पूरा बस्ता॥

महंगाई मे सब कुछ दिखे पीला पीला।
कंगाली मे अपना तो है आटा गीला॥

Wednesday 18 November 2009

नई पीढ़ी के कवियों की तीसरी दस्तक








काव्यपाठ करती युवा कवयित्री सुश्री शैलजा सिंह

‘राष्ट्रीय कवि संगम’ के तत्वावधान में होने वाले ’दस्तक नई पीढ़ी की’ के शीर्षक से तृतीय काव्योत्सव का आयोजन रविवार को सम्पन्न हुआ। कविता पाठ के अतिरिक्त ’जगदीश मित्तल काव्य पुरस्कार’ और ’दूसरी दस्तक’ नामक एक काव्य संकलन का भी लोकार्पण किया गया।

दिल्ली के पीतमपुरा स्थित टैक्निया सभागार में रविवार की सुबह काव्यप्रेमियों के उत्सव की बेला थी। नए कवियों को मंच से जोड़ने में संलग्न माननीय श्री जगदीश मित्तल जी के जन्मदिवस पर आयोजित ‘दस्तक नई पीढ़ी की’ प्रतिवर्ष 15 नए कवियों को मंच से रू-ब-रू कराता है। इस वर्ष इस शृंखला में श्री विनय शुक्ल ’विनम्र’, श्री चरणजीत ’चरण’, श्री शैलेन्द्र शर्मा ‘शैल’, श्री महेन्द्र प्रजापति, श्री नीरज मलिक, श्री रमन जैन, श्रीमती राजरानी भल्ला, श्री जतिन्दर ’परवाज़’, श्री सत्येन्द्र सत्यार्थी, श्री अनिल गोयल, श्री अनुराग अगम, सुश्री शैलजा सिंह, श्री मनोज वाजपेई और श्री विनीत पाण्डेय आदि ने कविता पाठ किया। सभी कवियों ने अपनी मंत्रमुग्ध करने वाली कविताओं से श्रोताओं पर ऐसा सम्मोहन किया कि यह कार्यक्रम तय समय से दो घंटे अधिक चला। हास्य, ओज, शृंगार और संवेदना से भरी कविताएँ
श्रोताओं को बांधे रखने में समर्थ रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप-प्रज्जवलन करके किया गया। दीप-प्रज्जवलन का कार्य श्री जगदीश मित्तल, श्री नरेश शांडिल्य, डॉ. नन्द किशोर, श्री श्याम जाजू, श्री यूसुफ भारद्वााज और श्री राजेश जैन ’चेतन’ के कर-कमलों से सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम में ‘दूसरी दस्तक’ का लोकार्पण किया गया। इस पुस्तक में पिछले वर्ष के ‘द्वितीय काव्योत्सव’ में शिरक़त करने वाले पन्द्रह युवा कवियों की रचनाएँ सम्मिलित हैं। पुस्तक का लोकार्पण श्री बलबीर सिंह ‘करुण’, श्री लक्ष्मीशंकर वाजपेयी, श्री राजगोपाल सिंह और श्री यूसुफ़ भारद्वाज ने किया।

युवा कवियों के प्रोत्साहनार्थ प्रारंभ किया गया ‘जगदीश मित्तल काव्य पुरस्कार’ युवा कवि श्री चिराग़ जैन को दिया गया। उन्हें यह पुरस्कार उनकी उत्कृष्ट काव्य साधना तथा सामाजिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता के लिए दिया गया। पुरस्कार स्वरूप युवा कवि को ग्यारह हज़ार रुपए की नकद राशि, एक प्रतीक चिन्ह तथा अंगवस्त्र भेंट किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता आकाशवाणी के निदेशक श्री लक्ष्मीशंकर वाजपेयी ने की। युवा कवियों को आशीर्वचन देने के लिए श्री नरेश शांडिल्य, श्री राजगोपाल सिंह और श्री यूसुफ़ भारद्वाज मौजूद थे। इसके अतिरिक्त श्री बलबीर सिंह करुण, श्री धर्मचंद अशेष, श्री सीमाब सुल्तानपुरी और श्री बाग़ी चाचा समेत तमाम कवि कार्यक्रम की गरिमा बढ़ा रहे थे। साहित्य जगत्,उद्योग जगत्, प्रशासन, राजनीति तथा पत्रकारिता जगत् की तमाम हस्तियाँ कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रही थीं। विनय शुक्ल ‘विनम्र’ के सरस संचालन को लम्बे समय तक याद रखा जाएगा।

काव्योत्सव का आनंद लेते श्रोतागण

‘दूसरी दस्तक’ का लोकार्पण। बाएँ से श्री राजेश चेतन, श्रीमती ऋतु गोयल, श्री नरेश शांडिल्य, श्री यूसुफ भारद्वाज, श्री हरमिन्द्र पाल, श्री चिराग़ जैन, श्री बलबीर सिंह करुण, श्री लक्ष्मीशंकर वाजपेयी, श्री राजगोपाल सिंह और श्री जगदीश मित्तल

युवा कवि चिराग़ जैन को ‘जगदीश मित्तल काव्य पुरस्कार’ प्रदान करते हुए श्री लक्ष्मीशंकर वाजपेयी। साथ में हैं श्री नरेश शांडिल्य, श्री यूसुफ भारद्वाज, श्री बलबीर सिंह करुण, श्री जगदीश मित्तल।

'दस्तक नई पीढ़ी की' काव्योत्सव संपन्न





15 नवम्बर 2009, नई दिल्ली: ‘राष्ट्रीय कवि संगम’ के तत्वावधान में होने वाले ’दस्तक नई पीढ़ी की’ के शीर्षक से तृतीय काव्योत्सव का आयोजन रविवार को सम्पन्न हुआ। कविता पाठ के अतिरिक्त ’जगदीश मित्तल काव्य पुरस्कार’ और ’दूसरी दस्तक’ नामक एक काव्य संकलन का भी लोकार्पण किया गया।

दिल्ली के पीतमपुरा स्थित टैक्निया सभागार में रविवार की सुबह काव्यप्रेमियों के उत्सव की बेला थी। नए कवियों को मंच से जोड़ने में संलग्न माननीय श्री जगदीश मित्तल जी के जन्मदिवस पर आयोजित ‘दस्तक नई पीढ़ी की’ प्रतिवर्ष 15 नए कवियों को मंच से रू-ब-रू कराता है। इस वर्ष इस शृंखला में श्री विनय शुक्ल ’विनम्र’, श्री चरणजीत ’चरण’, श्री शैलेन्द्र शर्मा ‘शैल’, श्री महेन्द्र प्रजापति, श्री नीरज मलिक, श्री रमन जैन, श्रीमती राजरानी भल्ला, श्री जतिन्दर ’परवाज़’, श्री सत्येन्द्र सत्यार्थी, श्री अनिल गोयल, श्री अनुराग अगम, सुश्री शैलजा सिंह, श्री मनोज वाजपेई और श्री विनीत पाण्डेय आदि ने कविता पाठ किया। सभी कवियों ने अपनी मंत्रमुग्ध करने वाली कविताओं से श्रोताओं पर ऐसा सम्मोहन किया कि यह कार्यक्रम तय समय से दो घंटे अधिक चला। हास्य, ओज, श्रृंगार और संवेदना से भरी कविताएँ श्रोताओं को बांधे रखने में समर्थ रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप-प्रज्जवलन करके किया गया। दीप-प्रज्जवलन का कार्य श्री जगदीश मित्तल, श्री नरेश शांडिल्य, डॉ. नन्द किशोर, श्री श्याम जाजू, श्री यूसुफ भारद्वाज और श्री राजेश जैन ’चेतन’ के कर-कमलों से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में ‘दूसरी दस्तक’ का लोकार्पण किया गया। इस पुस्तक में पिछले वर्ष के ‘द्वितीय काव्योत्सव’ में शिरक़त करने वाले पन्द्रह युवा कवियों की रचनाएँ सम्मिलित हैं। पुस्तक का लोकार्पण श्री बलबीर सिंह ‘करुण’, श्री लक्ष्मीशंकर वाजपेयी, श्री राजगोपाल सिंह और श्री यूसुफ़ भारद्वाज ने किया।

युवा कवियों के प्रोत्साहनार्थ प्रारंभ किया गया ‘जगदीश मित्तल काव्य पुरस्कार’ युवा कवि श्री चिराग़ जैन को दिया गया। उन्हें यह पुरस्कार उनकी उत्कृष्ट काव्य साधना तथा सामाजिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता के लिए दिया गया। पुरस्कार स्वरूप युवा कवि को ग्यारह हज़ार रुपए की नकद राशि, एक प्रतीक चिन्ह तथा अंगवस्त्र भेंट किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता आकाशवाणी के निदेशक श्री लक्ष्मीशंकर वाजपेयी ने की। युवा कवियों को आशीर्वचन देने के लिए श्री नरेश शांडिल्य, श्री राजगोपाल सिंह और श्री यूसुफ़ भारद्वाज मौजूद थे। इसके अतिरिक्त श्री बलबीर सिंह करुण, श्री धर्मचंद अशेष, श्री सीमाब सुल्तानपुरी और श्री बाग़ी चाचा समेत तमाम कवि कार्यक्रम की गरिमा बढ़ा रहे थे। साहित्य जगत्, उद्योग जगत्, प्रशासन, राजनीति तथा पत्रकारिता जगत् की तमाम हस्तियाँ कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रही थीं। विनय शुक्ल ‘विनम्र’ के सरस संचालन को लम्बे समय तक याद रखा जाएगा।

Monday 16 November 2009

कवियों ने दर्शकों को गुदगुदाया






बाहरी दिल्ली, जागरण संवाददाता : राष्ट्रीय कवि संगम दिल्ली प्रदेश के सौजन्य से मधुबन चौक स्थित टेक्निया इंस्टीट्यूट में 'दस्तक नई पीढ़ी' शीर्षक से तृतीय काव्योत्सव मनाया गया। इसमें कवियों ने कविता पाठ किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ आकाशवाणी के निदेशक डॉ. लक्ष्मीशंकर वाजपेयी ने किया। मंच संचालन कवि राजेश चेतन ने किया। चेतन ने बताया कि संस्था का उद्देश्य छिपी काव्य प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना है। दो वर्षो से लगातार काव्योत्सव के माध्यम से 15-15 कवियों को नया मंच प्रदान किया जा रहा है। नई पीढ़ी को प्रोत्साहनार्थ जगदीश मित्तल काव्य पुरस्कार प्रारंभ किया गया। 2009 के लिए यह पुरस्कार युवा कवि चिराग जैन को दिया गया। पिछले वर्षो में आयोजित काव्य पाठ में कवियों द्वारा लिखी गई कविताओं का काव्य संग्रह पुस्तक का लोकार्पण भी किया गया। इस मौके पर वरिष्ठ ओज कवि बलबीर सिंह करुण, राजगोपाल सिंह, यूसुफ भारद्वाज, नरेश शांडिल्य आदि कवि भी उपस्थित थे। नए कवियों में अनुराग अगम, चरणजीत चरण, रमन जैन, जतिंदर परवाज, अनिल गोयल, सत्येंद्र सत्यार्थी, शैलजा सिंह, राजरानी भल्ला, आशीष कासिद, विनीत पांडे, शैलेंद्र शैल, मनोज वाजपेयी, नीरज मलिक व महेंद्र प्रजापति ने काव्य पाठ किया। साढे तीन घंटे तक चले काव्य पाठ का लुत्फ सभी श्रोताओं ने उठाया। इस अवसर पर कवियों ने वीर रस, हास्य रस की कविताओं से खूब गुदगुदाया।

Saturday 7 November 2009

एम॰ सी॰ डी॰



धीरे धीरे सज रहा मैडम जी का ताज।
एम॰ सी॰ डी॰ पर हो गया शीला जी का राज॥

शीला जी का राज भाजपा संकट भारी।
एम॰ सी॰ डी॰ भी गई हाथ से है लाचारी॥

एम॰ सी॰ डी॰ या डी॰ डी॰ ए॰ क्या है करना।
हम को तो शीला मैडम के पीछे चलना॥

Saturday 31 October 2009

डी टी सी



मनमोहन के राज में महंगाई की मार।
आम आदमी कर रहा देखो हाहाकार॥

देखो हाहाकार बसों में चढ़ना भारी।
आम आदमी खड़ा सड़क पर है लाचारी॥

शीला आंटी महंगाई पर रोक लगाओ।
डी टी सी का भाड़ा बिल्कुल नही बढ़ाओ॥