Tuesday, September 23, 2008

दिनकर



सच्चे स्वाभिमानी दिनकर
राष्ट्रधर्म की वाणी दिनकर

भारत माँ की हर इक पीड़ा
गाते फिरे जुबानी दिनकर

राजनीति के संघर्षों में
हार कभी ना मानी दिनकर

इतने निष्छल, इतने पावन
ज्यों गंगा का पानी दिनकर

छह दशकों के कुल जीवन में
रच गए अमर कहानी दिनकर
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