Thursday, March 27, 2008

पति पत्नी और वो


सात फेरे लेकर सात जन्म तक साथ निभाने का वायदा करने वाले पति पत्नी आजकल सात महीनों बाद क्यों हाँफने लगते हैं ? ये वास्तव में विचार का विषय है। छोटी छोटी घटनाओं से रिश्ते टूट रहे हैं। पत्नी मोबाईल पर किसी से बात कर रही है अचानक घर में पति का प्रवेश, किस से लम्बी बात हो रही है ? मेरे कालेज का मित्र। इतना कहना था कि खींच गया पति के हृदय में एक बेवफ़ाई का चित्र। एक जमाना था थोड़ी बहुत स्कूल की पढ़ाई के बाद जैसे ही लड़की रजस्वला होती थी उसकी शादी कर दी जाती थी उस कच्ची उम्र में पति से पूर्व ना तो उसने किसी लड़के से वार्ता की होती थी ना संवाद। पुरूष के नाम पर केवल पति ही उसके जीवन में था, परन्तु आज की नारी पुरूषों से कन्धे से कन्धा मिलाकर चल रही है, कैरियर उसके जीवन में बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। कालेज में लड़कों के साथ पढ़ाई, लड़कों के साथ प्रतियोगिता, कार्यालय में लड़कों के साथ काम। सच तो ये है कि आज की भारतीय लड़की पश्चिम की लड़की की तरह किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। भारतीय पिता लड़की का कैरियर चाहता है परन्तु भारतीय पति आज भी पत्नी को घर की चारदीवारी से निकलते ही आशंकित हो जाता है। मैं तो कवि हूँ याद करता हूँ राष्ट्र कवि मैथिली शरण गुप्त की पंक्तियां
अबला जीवन हाय तुम्हारी यहीं कहानी
आंचल में है दूध और आँखों में पानी

महिलाओं के लिये बहुत कठिन हो रहा है कैरियर व परिवार को साथ साथ चलाना। इंटरनेट, मोबाईल के साधनों के कारण दुनिया सिकुड़ती जा रही है, मनुष्य ग्लोबल होना चाहता है परन्तु वह फिर भी अपनी घिसी पिटी पुरूष मानसिकता छोड़ने को तैयार नहीं। पति पत्नी का रिश्ता विश्वास का है। धर्म शब्द अपने यहां केवल पत्नी के रिश्ते के साथ लगाया गया है अर्थात जिस रिश्ते को बनाने में धर्म आधार रहा है, मुझे लगता है धर्म केवल ओढने, बिछाने की वस्तु ही बनता जा रहा है। धर्म का अर्थ है विश्वास। हम मंदिर जाते हैं, हमारा विश्वास है तो मंदिर की प्रतिमा भगवान है और यदि विश्वास नहीं तो केवल पत्थर है। आज आवश्यकता है हम मंदिर की प्रतिमा पर विश्वास करें या ना करें परन्तु हम अपने घर में जीवित रहने वाली प्रतिमाओं पर अवश्य विश्वास करें। पुरूषों के विषय में किसी व्यंग्यकार ने ठीक ही कहा है कि पुरूष दिल से बड़ा होता है, अपने दिल में एक साथ कई लड़कियों को रख सकता है जबकि दूसरी ओर लड़की दिल की छोटी होती है एक समय में केवल एक पुरूष ही उसके दिल में रह सकता है। पत्नी पर शक करने से पूर्व एक बार पति स्वयं के बारे में जरूर विचार करे। आज के इस हालात पर मेरे भीतर बैठा व्यंग्यकार कहता है
साथ जियेंगे साथ मरेंगे सात जन्म
पति पत्नी बन प्रेम करेंगे सात जन्म
सात महीने में जब दोनों हार गये तो
न्यायालय में खड़े रहेंगे सात जन्म
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