Sunday, March 16, 2008

रंग दे बसंती काव्य संग्रह का लोकार्पण मेरठ में


शायर डा.बशीर बद्र को काव्य चेतना सम्मान मेरठ : कोई हाथ भी न मिलाएगा, जो गले मिलोगे तपाक से, यह नए मिजाज का शहर है, जरा फासले से मिला करो। मेरठ के मिजाज से नासाज होकर भोपाल में अपना आशियाना बनाने वाले शायरी के शहंशाह डा. बशीर बद्र को रघुनन्दन ज्वैलर्स काव्य चेतना सम्मान-2008 से नवाजा जाएगा। शहीदे आजम भगत सिंह के बलिदान दिवस पर 24 मार्च को आयोजित काव्य संध्या यही बाकी निशां होगा में उनको यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस काव्य समारोह के मुख्य संयोजक कवि सौरभ जैन सुमन ने यह जानकारी दी। अमर क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह के बलिदान दिवस पर लगातार पांचवें वर्ष यह आयोजन मेरठ में हो रहा है। काव्य संध्या का आयोजन इस वर्ष 24 मार्च को कैंट स्थित सेंट जोंस स्कूल में रात्रि 9 बजे से होगा। उन्होंने बताया कि रघुनन्दन ज्वैलर्स, आबू प्लाजा द्वारा प्रायोजित काव्य चेतना सम्मान के तौर पर 31,000 रुपये की नगद राशि प्रदान की जाती है। गत वर्ष यह सम्मान सुविख्यात गीतकार किशन सरोज को प्रदान किया गया था। इसके अलावा मेरठ के प्रसिद्ध कवि भारत भूषण को भी प्रदान किया गया है। इस काव्य संध्या में प्रसिद्ध शायर बशीर बद्र के अलावा अल्हड़ बीकानेरी, ओम प्रकाश आदित्य, ओम व्यास ओम, डा. विष्णु सक्सेना, कुंवर जावेद, विनीत चौहान,देवल आशीष, दिनेश रघुवंशी, शहनाज अख्तर आदि ख्यातिलब्द्ध कवि अपनी रचनाएं पढेंगे। दैनिक जागरण पिछले चार वर्षो की तरह इस बार भी शहीदे आजम भगत सिंह के बलिदान दिवस पर आयोजित होने वाली काव्य संध्या का मीडिया पार्टनर है। समारोह में डायमंड बुक्स द्वारा प्रकाशित काव्य संग्रह रंग दे बसंती का विमोचन किया जाएगा। कवि राजेश चेतन द्वारा संपादित इस काव्य संग्रह में देश के अनेक ख्यातिप्राप्त कवियों की कविताएं शामिल हैं। कार्यक्रम के मुख्य प्रायोजक राकेश प्रकाश अग्रवाल होंगे। जबकि आईजी वीके गुप्ता मुख्य अतिथि के तौर पर इस काव्य संध्या का उद्घाटन करेंगे। स्वागताध्यक्ष रघुनंदन ज्वैलर्स, आबू प्लाजा के राकेश प्रकाश अग्रवाल रहेंगे। समारोह के संयोजन में प्रमुख रूप से विवेक गर्ग, अंशुल अग्रवाल, सौरभ सुमन तथा विक्की जैन का प्रमुख योगदान रहेगा। काव्य संध्या में प्रवेश सिर्फ आमंत्रण पत्र के जरिये ही हो सकेगा। निशुल्क आमंत्रण पत्र रघुनंदन ज्वैलर्स, आबू प्लाजा , रघुनंदन ज्वैलर्स, प्रथम मंजिल, शहर सर्राफा तथा कवि सौरभ सुमन से प्राप्त किये जा सकते हैं।
जागरण से साभार
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