Tuesday, January 29, 2008

विश्व विजेयी भारत

विश्व जीतने वाला घोड़ा हमने ही तो छोड़ा है
परमाणु से हमने जग को मैत्री युग से जोड़ा है

अमेरिका भी हमको अपने घर पर आज बुलाता है
रुस हमारे घर पर आकर समझौता कर जाता है
अप्ने डाँक्टर वैज्ञानिक तो दुनिया भर में छाये हैं
कम्प्यूटर में हमने जग के कीर्तिमान बनाये हैं

विश्व जीत कर जिस दिन भारतवासी घर पर आएँगे
अश्व मेध तब पूर होगा गीत ख़ुशी के गाएँगे
उस दिन अपने भारत भू पर नई दिवाली आयेगी
उस दिन भारत माता जग में वन्दनीय कहलायेगी

मैं उस दिन की इंतज़ार में दीपक रोज़ जलाता हूँ
कब आएँगे राम लौट कर, घर-घर अलख जगाता हूँ
राम लखन हो तुम भारत के जग को ये बतलाना है
भारत के गौरव का झण्डा दुनिया पर लहराना है

जो प्रतिबन्ध लगाते थे, वो मैत्री आज जताते हैं
शक्तिशाली ही तो इस जग में हरदम पूजे जाते हैं
हम भारत के वासी जिन देवों को शीश झुकाते हैं
उनके हाथों शक्तिशाली ही शस्त्र उठाए जाते हैं
इस जग के निर्माता विष्णु का चक्र सुदर्शनधारी है
महादेव के हाथों में त्रिशूल शोभता भारी है
रामधनुर्धारी हैं जिनको सागर शीश झुकाता है
अर्जुन भी गांडीव उठाकर कुरूक्षेत्र में जाअत है

शक्ति स्वरुपा मां दुर्गा को घर घर पूजा जाता है
बाल भरत भी खेल खेल में सिंह-दन्त गिन जाता है
यहाँ अब्दुल कलाम हमारा परमाणु का ज्ञाता है
जिसके धूम धड़ाकों से यह जग हमसे थर्राता है

हमने जग के दादाओं को शक्तिसुत्र समझाना है
भारत के गौरव का झण्डा दुनिया पर लहराना है
हम दुनिया से बात करेंगे यू0 एन0 ओ0 के मंचो से
हमको कोई भय नहीं लगता दुनिया के इन पंचो से

सी टी बी टी पर हस्ताक्षर हम कैसे कर सकते है
दुनिया के दादाओं तुमसे हम कैसे डार सकते है
सी टी बी टी वालो हमको पक्षपात स्वीकार नहीं
तुम एटम रख सकते हो तो हमको क्यों अधिकार नहीं

प्यार मुहब्बत के समझौते ख़ुद्दारी से होते हैं
वरना इन समझौंतों पर तो कायर जमकर रोते हैं
अमरीका की संसद कहती सी टी बी टी धोका है
आओ मन से मन को जोड़ें ये ही सच्चा मौका है

अगर सभी के मन में धरती माता का सम्मान नहीं
सी टी बी टी इक छलना है यह कोई वरदान नहीं
हमको ऐसे समझौतों से अपना देश बचाना है
भारत के गौरव का झण्डा दुनिया पर लहराना है
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