Monday, July 13, 2009

साध्वी प्रमुखा श्री कनक प्रभाजी के काव्य ग्रंथ – सांसों का इक तारा पर साहित्यिक चर्चा – परिचर्चा

जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ की साध्वी प्रमुखा श्री कनक प्रभाजी की कृति “ सांसो का इकतारा” पर तेरापंथ महिला मंडल, दिल्ली द्वारा हिन्दी भवन में समीक्षात्मक चर्चा – परिचर्चा का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया । श्रद्वेय श्री महाप्रज्ञ जी के आशीर्वाद, शासन गौरव मुनि श्री ताराचंद जी में सुप्रतिष्ठित कवि डा॰ बलदेव वंशी, प्रख्यात गीतकार डा॰ कुंवर बैचेन, आकाशवाणी के निर्देशक डा॰ लक्ष्मी शंकर वाजपेयी, सांसद व कवियित्री डा॰ प्रभा ठाकुर, कवि श्री राजेश चेतन के अलावा अनेक कविगण एवं समाज के गणमान्य महानुभाव उपस्थित थे ।

मण्डल की बहनों द्वारा मंगलाचरण प्रस्तुति एवं श्रीमती सरोज छाजेड द्वारा युवाचार्य महाश्रमण जी के संदेशवाचन के पश्चात अध्यक्ष श्रीमती रजनी बाफना ने आगंतुकों का स्वागत किया । तत्पश्चात सभागत विद्वानों ने काव्यग्रंथ के सन्दर्भ में अपने विचार एवं समीक्षा आदि प्रस्तुत की ।

आकाशवाणी के निर्देशक डा॰ लक्ष्मीशंकर वाजपेयी ने कहा कि साध्वी श्री के गीत आस्था, हौसला, विश्वास के साथ मंजिल का पता देते हैं । श्रीमती प्रभा ठाकुर ने कहा “ साध्वी श्री जी की कविताएं मानवता को राह दिखाने वाली हैं । साहित्य भूषण डा॰ कुंअर बैचेन ने कहा “ पानी में पानी ढूंढना कलाकारी नही है, रेगिस्तान में पानी ढूंढना कलाकारी है । “ सुप्रतिष्ठित कवि डा॰ बलदेव वंशी ने कहा ये कवितायें पूरी सदी के अंधकार की देहरी पर प्रभाती हैं । आज ज्ञान यश की जरूरत है ।

मुनि श्री सुमति कुमार जी ने साध्वी जी श्री को दुर्लभ विशेषताओं का संचित कोष बताते हुए कहा कि तेरापंथ महिला मण्डल दिल्ली ने एक अलग तरह का, अत्यन्त सराहनीय कार्य है ।

जैन विश्व भारती विश्व्विद्यालय की कुलप्ति समणी मंगल प्रभा जी ने साध्वी प्रमुखा श्रि के व्यक्तित्व के विभिन्न पहलूओं पर प्रकाश डालते हुए तेरापंथ महिला मंडल दिल्ली को एसे आयोजन के लिये साधुवाद दिया । श्रीमती जया बोथरा ने साध्वी श्री के गीतों की संगीतमय प्रस्तुति देकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया । आदित्य मुनि ने कविता पाठ द्वारा अपनी भावनायें व्य्क्त कीं । सभागत सभी अतिथियों क सम्मान, अंगवस्त्र, साहित्य एवं अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मण्डल द्वारा जारी विशेष आवरण एवं मोमेन्टो द्वारा किया गया । कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीमती सुनीता जैन ने किया ।



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