Wednesday, April 2, 2008

पति पत्नी और वो

"पति पत्नी और वो" ये त्रिकोण सदियों से चला आ रहा है। सामान्यता इसमें पति पत्नी और वो का मतलब होता था पति की महिला मित्र परन्तु आज के इस दौर में "वो" से मतलब पत्नी के पुरूष मित्र से ज्यादा समझा जा रहा है। सारे विश्व ने एक घटना को अपनी आंखों से देखा। डायना की मौत पर मैंने अपनी एक कविता में कहा था

वैश्वीकरण छा रहा है
डायना की मौत से ये समझ आ रहा है
जर्मनी की कार में
अंग्रेजों की रानी
इजेपेटियन बाय फ्रेंड
डच ड्राईवर तथा
फ्रांस के मोड़ से टकराना
इसे कहते है
ग्लोबलाईजेशन का जमाना

विश्व में अन्य महिलायें बहुत पहले से ही "वो" के साथ जीवन बिताती रहीं परन्तु ग्लोबलाईजेशन की ये हवा भारत में पिछले एक दो दशकों से देखी जा रही है। विश्व एक छोटे गांव के रूप में होता जा रहा है। महिलायें आज किसी भी क्षेत्र में पुरूषों से पीछे नहीं हैं और जब महिलायें अपने व्यवसाय के कारण लगातार घर से बाहर रहेंगी तो स्वभाविक है पति पत्नी के रिश्तों में "वो" प्रवेश कर ही जाता है। पत्नी किसी से मोबाईल पर बात कर रही है कि अचानक घर में पति का प्रवेश, कौन था ? पत्नी ने कहा मेरा मित्र और खिंच गया पति के हृदय में बेवफाई का एक चित्र। भारतीय पति को इस "वो" को सहन करने में अभी अपने आप को तैयार करना पडेगा क्योंकि अभी तक वह ये मानता रहा कि महिला मित्र रखने का अधिकार केवल उसी के पास है, परन्तु आज जब पत्नी कन्धे से कन्धा मिलाकर घर चलाने में पति का सहयोग कर रही है और कई जगह तो देखा गया है कि कैरियर की इस दौड़ में पत्नियाँ पति से भी आगे जा रही हैं तो ये जरूरी हो जाता है कि पुरूष अपनी पुरातन पंथी मानसिकता से बाहर आये तथा अपने मित्रों के साथ पत्नी के मित्रों को भी स्वीकार करने की मानसिकता बनाये।
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