Sunday, February 3, 2008

महाप्रज्ञ


पांव पांव चल चल सत्य का उजाला किया
गांव गांव गली गली शांति यज्ञ हो गये
प्राकृत और पाली वाले ग्रन्थों का संधान कर
बाल सन्त तेजोमयी स्वयं विज्ञ हो गये
प्रेक्षाध्यान विधि नव जीवन विज्ञान रचा
साधक सान्निध्य पा के सर्वज्ञ हो गये
गुरुवर तुलसी का मिला आशीष दिव्य
मुनिवर नथमल महाप्रज्ञ हो गये
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