Tuesday, July 17, 2007

अग्रवाल समाज का रोल माडल पानीपत

पानीपत का इतिहासिक किला, किले पर आकर्षक अग्रसेन वाटिका, वाटिका के भव्य मंच पर 18 बर्ष पूर्ण होने पर युवा अग्रवाल क्लब का स्मारिका लोकार्पण उत्सव, संगीत की धुनें, पुष्प बर्षा, शंखनाद, सुसज्जित दीप मालिका, वन्दन गीत, आरती, नृत्य कविता पाठ, समाज के बुजुर्गों का सम्मान, समाज के बालकों द्वारा आकर्षक कार्यक्रम, खचाखच भरा पंडाल, उत्साहित महिलायें, अनुशासित बालक, उर्जा से भरे युवक, इस विशिष्ट आयोजन का कुशलता पूर्वक संचालन करते श्री राकेश मितल और समारोह के बाद उतम भोजन व्यवस्था । अग्रवाल समाज का ये दिव्य रुप अपने जीवन में पहली बार देखा।

एक दूसरा चित्र मंहगा निमन्त्रण पत्र, भाषा अशुद्ध, निमन्त्रण पत्र में दो दर्जन अतिथि और पचास आयोजकों के नाम, नेताओं की भीड, अतिथियों से भरा मंच, पंडाल खाली, इका दुका महिलायें, लम्बा स्वागत समारोह, अतिथियों का लगातार समारोह के बीच आना जाना, राजनीतिक भाषण, भोजन के लिये लम्बी कतार, ये दृश्य समाज के आयोजनों में बहुधा दिखाई पडता है ।

अग्रवाल समाज भारत का एक विशिष्ट समाज है, सांस्कृतिक व धार्मिक क्षेत्र में अग्रणी है, आज आवश्यकता है पानीपत की संगठन व्यवस्था को समझ कर उसके अनुसार चलने का प्रयास करें । पानीपत के कार्यकर्ताओं को बधाई।
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