Wednesday, February 3, 2010

उनके बस की बात नही -4

अडवानी जी पी॰ एम॰ की कुर्सी को लेकर अड़े रहे।
और प्रतीक्षा करते रहना उनके बस की बात नही॥


मनमोहन जी हर चुनाव में पी॰ एम॰ तो बन सकते हैं।
लोक सभा का एम॰ पी॰ बनना उनके बस की बात नही॥


जात पात का हाथी लेकर हाथ हिलाना आता है।
उस हाथी पर दिल्ली आना उनके बस की बात नही॥


लोजपा की लाज बची ना, पासवान ना पास हुये।
घुड़की दे अब मंत्री बनना उनके बस की बात नही॥


भोली भाली जनता उपर टैक्स लगाना आता है।
स्विस बैंको से पैसा लाना उनके बस की बात नही॥


छोड़ फ़िजा को चांद मोहम्मद गली- गली में घूम रहे।
अपनी बीवी के घर जाना उनके बस की बात नही॥


राज ठाकरे अपने भाई उद्धव से लड़ सकते हैं।
भाई दाऊद जी लड़ना उनके बस की बात नही॥


शरद पवार जी केवल क्रिकेट की चिंता मे रहते है।

महंगाई पर रोक लगाना उनके बस की बात नही॥


राम गोपाल ने दो हंसों की जोड़ी को ही तोड़ दिया।

अमर सिंह से आंख मिलाना उनके बस की बात नही॥


राज भवन भी शर्मसार है एन डी की रंगरलियों से।

बालाओं से यूं बच पाना उनके बस की बात नही॥


खूब दिखाया स्लम एरिया और आस्कर भी पाया।
मगर स्लम को स्वर्ग बनाना उनके बस की बात नही॥


अमरीका के टावर तोड़े और अभी तक जिन्दा है।
ओसामा को हाथ लगाना उनके बस बात नही॥


ओबामा ने कुर्सी पाई कोई फर्क नही पड़ता।
अमरीका को आज बचाना उनके बस की बात नही॥


मैडल वापस लेने में भी बिल्कुल शर्म नही आई।
अफजल को फांसी लटकाना उनके बस की बात नही॥


आतंकवादियों मासूमों का खून बहाना आता है।
जाबांजों से युद्ध रचाना उनके बस की बात नही॥

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