Sunday, May 4, 2008

नमन 1857

साँस साँस देश पे चढाने वालों को नमन
आठारह सौ सतावन भूल नही पाते हैं
लक्ष्मी बाई तांत्या टोपे जफ़र की कुर्बानी
गली गली गाँव गाँव घूम घूम गाते हैं
देश के लिए जो तन मन धन वार गए
उन रण बाँकुरों पे वारी वारी जाते हैं
जिनकी शहादत से भारत आजाद हुआ
उन बलिदानियों को शीश हम झुकाते हैं

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