Friday, February 29, 2008

भारतीय विद्या पीठ कवि सम्मेलन

आज दिनांक 29 फरवरी 2008 को सुप्रसिद्ध हास्य कवि डा॰ सुनील जोगी के संचालन में भारतीय विद्या पीठ इंजीनियरिंग कालेज में एक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कालेज के प्राचार्य श्री डा॰ बिलगी व प्रो॰ एम एन हुड्डा ने सभी कवियों का स्वागत किया। कवियों ने जो कविताएं प्रस्तुत की, कुछ पंक्तियां -

बाद में चांटा मारेंगें ये, पहले छुएँगे चरण,
मुफ़्त मिलेगी साड़ी पहले, बाद में होगा चीरहरण।
सरदार मनजीत सिंह, फरीदाबाद





दिल में उल्फ़त संभालकर रखना
ये इबादत संभालकर रखना
लोग नफ़रत संभाले बैठे हैं
यू मौहब्बत संभालकर रखना
दिनेश रघुवंशी, फरीदाबाद





कोठे में जो पड़े थे, वो कोठी में आ गये
भूखे थे चार दिन के, वो रोटी में आ गये
इक बार मल्लिका से, मिलके ये हुआ असर
कि बाबा रामदेव लंगोटी में आ गये
डा॰ सुनील जोगी, दिल्ली





चार चीज हैं राम बराबर
कहती दुनिया सारी।
गऊ, गायत्री, गंगा जी
और चौथी चीज कुंआरी॥
यूसुफ भारद्वाज, दिल्ली




मुंह खोलें मिसरी झरे,
भीतर धरे बिलेड।
मौका पाते गपक लें,
ए बी सी डी - जेड॥
डा॰ सुरेश अवस्थी, कानपुर




गंगा की कल कल सीने में
चंदन सी महक पसीने में
मन में मुरली की मधुर तान
तन पावनता का दिव्य दान
सद संकल्पों के संग धाये
भारत वंशी जग में छाये
गजेन्द्र सोलंकी, दिल्ली




ऐश्वर्य अभिषेक जहाँ जहाँ भी जायेंगे
टी॰ वी॰ चैनल अपना धर्म निभायेंगे
जूते चप्पल पड़ते हैं तो पड़ जायें,
हनीमून की तस्वीरें भी लायेंगे
राजेश चेतन, दिल्ली
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