Sunday, February 3, 2008

अणुव्रत कवि सम्मेलन, सिलिगुड़ी



दिनांक 02 फरवरी 2008 को सिलीगुड़ी अणुव्रत समिति द्वारा दैनिक जागरण के सहयोग से हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में संस्था के अध्यक्ष श्री हनुमान मालु, सचिव श्री सुरेन्द्र घोड़ावत व संयोजक श्री करण सिंह जैन बहुत श्रम किया। राजेश चेतन के संचालन में स्थानीय दीनबंधु सभागार में उपस्थित श्रोताओं ने कवितओं का आनन्द लिया। उपस्थित कवियों ने अपने अपने तेवर से कविताएं प्रस्तुत की -

चूना अब शायद
बेभाव आता है
जिसे चुनकर भेजो
वही चूना लगाता है।

सीना राजनीति का
गर्व से तन गया
अपराधी
विधायक बन गया।

जहाँ रोगी पीला
डाक्टर लाल है
समझो वही –
सरकारी अस्पताल है।

काका बिहारी डा॰ पामेश्वर गोयल, पुर्णिया

बातचीत

पाकिस्तान ने बातचीत में कहाँ “हम
कश्मीर ले कर रहेंगे”
भारत ने बातचीत में कहाँ “कश्मीर
हम सुई की नोक के बराबर भी नहीं देंगे
चाहो तो दुबारा बातचीत कर लो”

सम्पत सरल, जयपुर

सूरज भी जुगनूओं के
सहेगा सितम।
दूजा कश्मीर बन
जायेगा असम॥

लाजपत राय विकट, धनबाद

लुटेरा चिल्लाया
जोर से गुर्राया
तु कवि है या आशिक
आज तेरे जैसे ही कवि ने
देश का बेड़ा गर्क किया है
तुझे दूर आसमान पर गोल
सा चाँद तो दिखाई देता है
नीचे धरती पर दो रूपए
की गोल सी रोटी दिखाई
नहीं देती
धिक्कार है तुम पर
आज ये एम॰ ए॰ बी॰ ए॰
पास लुटेरा तुम लोगों की
वजह से तो है
जिसे जरुरत है रोटी की
तुम लोग बात करते हो
चाँद तारे और आसमान की

करण सिंह जैन, सिलीगुड़ी

चाणक्य की चीत्कारें क्या हमको आज सुनाई देती
पास पड़ोसी शकुनी चालें हमको नहीं दिखाई देती
राष्ट्र देव को मन मंदिर में जब तक नहीं सजाओगे
घर घर में हिरण्याकश्यप है कैसे प्रहलाद बचाओगे

राजेश चेतन, दिल्ली
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