Friday, November 19, 2010

दस्तक नई पीढ़ी की चतुर्थ






राष्ट्रीय कवि संगम ने हर बार की तरह इस बार भी कवियों की नई पीढ़ी का परिचय समाज से करवाया। संवेदना की थाती लिए कवि-सम्मेलनों में जगह तलाशते सोलह युवा रचनाकार 16 नवम्बर को राजशानी के टेक्निया सभागार में जनता से रु-ब-रु हुए।
शब्दों का जादु सभागार को मंत्रमुग्ध करे इससे पूर्व अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त जादूगर सम्राट शंकर ने जादू के कार्यक्रम से दर्शकों का मनोरंजन किया। तत्पश्चात देश भर से चुने गए सोलह कवियों ने हास्य, ओज, श्रृंगार और संवेदना की छुवन से भरी कविताओं से सुनने वालों के दिल पर दस्तक दी। इन सोलह युवा प्रतिभाओं में वाणी गौरव गोलछा, सुमित मिश्रा, अनिता शर्मा, रोहित चौधरी, निशांत जैन, पार्थ नवीन, राधाकान्त, सचिन अग्रवाल, आलोक भाण्डोरिया, अंजुम शर्मा, लक्ष्मी भट्ट, मास्टर महेन्द्र, अनिल श्रीवास्तव और अनुराग पाठक शामिल थे। कवि सम्मेलन का संचालन भिवानी के कवि श्याम वशिष्ठ शाहिद ने सफलता पूर्वक किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ कवि बालस्वरुप राही ने कहा- ‘अब से कुछ समय पहले मुझे ये चिंता होने लगी थी कि हिन्दी कविता कहाँ जा रही है, लेकिन आज इन युवा कवियों को सुनकर मुझे आश्चर्य मिश्रित प्रसन्नता हुइ कि कविता यहाँ तक पहुँच गई है।
विख्यात हास्य कवि अरुण जैमिनी ने इस अवसर पर नए कवियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें कुछ ऐसे बिन्दुओं से अवगत कराया जो उनकी प्रतिभा को और अधिक सँवारने में सहयोगी हो सकते हैं।
कार्यक्रम के स्वागाताध्यक्ष और एन्थम इन्फ्रास्ट्र्कचर के एमडी प्रशांक बिन्दल ने राष्ट्रीय कवि संगम के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को सामने लाने का ये जज्बा आज के दौर में कम लोगों में बचा है।
राष्ट्रीय कवि संगम के अध्यक्ष जगदीश मित्तल जी के जन्मदिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम के अवसर पर प्रतिवर्ष जगदीश मित्तल प्रतिभा पुरस्कार भी प्रदान किया जाता है। इस वर्ष यह पुरस्कार संयुक्त रुप से दो युवा कवियों राहुल नील और हरमिन्द्र पाल को दिया गया। पुरस्कार स्वरुप ग्यारह हजार रुपए नकद, स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंट किया गया।
इस अवसर पर जगदीश मित्तल जी ने नए कवियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि कविता की नई प्रतिभाएँ मुझे आश्वस्त करती हैं कि संस्कारों की जिम्मेदारी उठाने वाले कवि-सम्मेलनों की परम्परा भविष्य में भी अपना धर्म निभाती रहेगी और सामाजिक विखण्डन और विद्रुपताएँ जर्जर होने से बच पाएंगी।
गत वर्ष जिन कवियों ने दस्तक नई पीढ़ी की। कार्यक्रम में कविता पढ़ी थी, उनकी कविताओं का एक संकलन भी इस अवसर पर लोकार्पित किया गया। तीसरी दस्तक के नाम से प्रकाशित इस संग्रह का संपादन युवा कवि चिराग जैन ने किया।
काव्य, कला,मीडिया, उद्योग और राजनीति जगत की तमाम हस्तियाँ इन नई प्रतिभाओं को सुनने के लिए श्रोताओं में मौजूद थीं। खचाखच भरे हुए सभागार में सीमाब सुल्तानपुरी, हलचल हरियाणवी, प्रवीण शुक्ल, महेन्द्र अजनबी, युसूफ भारद्वाज, गजेन्द्र सोलंकी, अशोक स्वतंत्र, अनिल गोयल, ॠतु गोयल, रसिक गुप्ता और जैनेन्द्र कर्दम जैसे जाने-माने विधायक रविन्द्र बंसल, पूर्व मंत्री नन्दकिशोर गर्ग, धर्मयात्रा महासंघ के अध्यक्ष मांगेराम गर्ग, रोशन कंसल, अशोक गोयल और अशोक जिंदल जैसे राजनैतिक हस्ताक्षर भी उपस्थित थे।
इसके अतिरिक्त नारायण सेवा संस्थान से सत्यभूषण जैन, डीआरएस ग्रुप के चेयरमैन रमेश अग्रवाल, क्रिस्टल ग्रुप के चेयरमैन नन्दकिशोर अग्रवाल, साधना टीवी चेयरमैन राकेश गुप्ता, सम्पूर्णा की अध्यक्षा शोभा विजेन्द्र, जींद इंजीनियरिंग कालेज से अनिल बंसल, आईडीबीआई के जीएम अरुण गोयल, एस एन बंसल, भूपेन्द्र कौशिक, सिद्धार्थ यादव, सुरेन्द्र वशिष्ठ और गुहाना से वेद जैन, जैसे गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए स्वदेश जैन और राजेश जैन नीरव के प्रबंधन की सबने भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध कवि राजेश चेतन ने किया।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय कवि संगम कवि सम्मेलनीय समाज को सुसंगठित तथा संयोजित करने के लिए कटिबद्ध एक संस्था है जो प्रतिवर्ष देश भर से प्रतिभाओं को खोज कर इस कार्यक्रम का आयोजन करती है। कवियों की प्रतिभा और प्रस्तुति को सुधारने के उद्देश्य से पिछले दो वर्ष से निरंतर एक मासिक काव्य- कार्यशाला का भी आयोजन किया जाता रहा है।
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