Tuesday, July 15, 2008

दोहों की दुनिया में नई दस्तक



15 जुलाई, नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली का हिन्दी भवन संगोष्टी कक्ष सोमवार की शाम एक अनुपम पुस्तक के लोकार्पण का गवाह बना । प्रसिद्ध समाज सेवक स्वर्गीय श्री मुरारिलाल गोयल ‘ शापित ‘ जी के लगभग आठ सौ दोहों का संग्रह, जो शापित सतसई नाम से प्रकाशित हुआ है, उसका लोकार्पण करने के लिये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहसरकार्यवाह श्री सुरेश भैया जी जोशी, राष्ट्रीय कवि संगम के संयोजक श्री जगदीश मित्तल जी , राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पंजाब प्रांत के प्रचारक श्री किशोरकांत जी तथा अन्य गणमान्व व्यक्ति मौजूद थे । इस अवसर पर विख्यात साहित्य्कार डा॰ बलदेव वंशी जी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की । नरेश शांडिल्य जी ने पुस्तक की समीक्षा करते हुए आलेख पाठ किया ।

दोहों के विषयों की विविधता तथा शिल्प को देखते हुए सभी ने लेखक की भूरि-भूरि प्रशंसा की । भैया जी जोशी ने कहा कि पुस्तक को पढ़ने के बाद ही किसी पुस्तक के विषय में राय कायम की जा सकती है । स्वास्थ्य, नीति, भक्ति, राजनीति लोक व्यवहार तथा अन्य विषयों पर जिस वेग से लेखक ने कलम चलाई है वह अनुकरणीय है । कार्यक्रम का सफल संचालन प्रखायत कवि श्री राजेश चेतन जी ने किया । पांखी प्रकाशन के निदेशक चिराग जैन ने पुस्तक पर प्रकाश डाला । राष्ट्रीय कवि संगम के दिल्ली प्रांत के संयोजक श्री रोशन कंसल जी ने धन्यवाद ज्ञापन किया ।
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