Thursday, December 27, 2007

राम सेतु


पांच मुक्तक

1
खादी पहने घूम रहे मक्कारों को
कौम के दुश्मन वोट के ठेकेदारों को
राम की महिमा नहीं दिखाई दे जिनको
सेतु के उस पार करो गद्दारों को

2

साजिशें चहुंओर दिखाई देती है
दिल्ली कुर्सी चोर दिखाई देती है
न्यायालय में सरकारी साजिश देखी
संसद भी कमजोर दिखाई देती है

3

कुतुब के रास्ते से मैट्रो को हटाना जरूरी है
ताजमहल को धुंए से बचाना जरूरी है
रामसेतु भी है जन-जन की आस्था
फिर क्यों उस आस्था को मिटाना जरूरी है

4

दिल्ली आसन पर जमे हैं राहु केतु
राम का ये भक्त है बस वोट हेतु
राजनीति में उलझ कर रह गया है
क्या बचेगा राम सेतु राम सेतु

5

संतों का सम्मान दशहरा होता है
दुष्टों का अपमान दशहरा होता है
राम द्रोहियों को फांसी पर लटकाओ
धर्म विजय अभियान दशहरा होता है।
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